Message from Hon’ble Minister for Civil Aviation

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Shri P. Ashok Gajapathi Raju

Hon’ble Minister of Civil Aviation

भारतीय नागरिक विमानन क्षेत्र ने बड़ी प्रगति की है और यह अपने अंतर्निहित विकास की संभावना को साकार करने के शिखर पर है। बड़े भारतीय बेड़े ऑर्डर अब नेटवर्क विस्तार कर रहे हैं। वर्तमान में अभी यह क्षेत्र अस्सी लाख नौकरियों प्रदान करता है और भारत की सकल घरेलू उत्पाद में प्रमुख योगदानकर्ता है। यात्री यातायात में लगातार वृद्धि के साथ-साथ अब तक अछूते रहे टियर-II और टियर-III शहरों में इसे सुलभ बनाकर नागरिक विमानन के क्षेत्र में भविष्‍य में रोज़गार के नए अवसर उपलब्‍ध कराकर देश के भौगोलिक परिदृश्‍य को नया स्‍वरूप प्रदान करना है।

'मेक इन इंडिया' और 'स्टार्ट अप इंडिया' जैसी पहलों की शुरूआत को पूरक बनाते हुए मुख्‍य विश्वविद्यालय का ध्‍यान एयरलाइन परिचालन, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहालिंग (एमआरओ) क्षेत्र, एयरपोर्ट संचालन और एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र के क्षेत्र में कुशल श्रमशक्ति उपलब्धता को तैयार करना है। उड्डयन के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना तेज़ी से उभरते उद्योग की ज़रूरतों को पूरा करने और उच्च कुशल और गुणवत्ता वाले मानव संसाधनों के एक स्थिर उपलब्धता सुनिश्चित करने का एक आधार है।

मुझे विश्‍वास है कि राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय पेशेवरों को तकनीकी सक्षमता और क्षेत्र के विकास में भाग लेने के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल और मनोभाव और चुनौतियों के साथ अवसरों को पूरा करने में सक्षम बनाएगा जिससे भारतीय विमानन उद्योग वैश्विक नेतृत्‍व के शिखर तक पहुंच सके। मैं राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय की संपूर्ण वृद्धि की सफलता के लिए कामना करता हूं और भारत और विदेशों में विमानन शिक्षा के क्षेत्र में इस विश्वविद्यालय को आगे बढ़ता देखने के लिए उत्सुक हूं।